अग्नि पीड़ित परिवार को राशन, तिरपाल और आर्थिक सहायता प्रदान
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उदाकिशुनगंज में अग्नि पीड़ित परिवार के लिए मसीहा बना ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट: राशन, तिरपाल और आर्थिक सहायता प्रदान

अग्नि पीड़ित परिवार के लिए मसीहा बना ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट

उदाकिशुनगंज।

आपदा कभी भी किसी के जीवन में अचानक आकर सब कुछ बदल देती है। खासकर जब किसी गरीब परिवार पर विपत्ति आती है, तो उसके लिए जीवनयापन करना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसा ही एक दर्दनाक दृश्य उदाकिशुनगंज क्षेत्र में सामने आया, जहां एक भीषण अग्निकांड में एक परिवार का घर और गृहस्थी का सारा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह असहाय हो गया और उनके सामने जीवनयापन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया।

ऐसी आपदा की घड़ी में ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट पीड़ित परिवार के लिए राहत और सहारे के रूप में सामने आया और मानवीय संवेदना के साथ उनकी मदद की। ट्रस्ट की इस सहायता ने यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी ऐसे लोग और संस्थाएं हैं, जो दुख की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़े रहते हैं।

भीषण अग्निकांड में जलकर राख हो गया घर

अग्निकांड की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पीड़ित परिवार का घर देखते ही देखते आग की चपेट में आ गया। आग इतनी भयावह थी कि घर में रखा सारा सामान जैसे अनाज, कपड़े, बर्तन, दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामग्री जलकर राख हो गई।

घर में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ा सदमा था, क्योंकि उनकी वर्षों की मेहनत कुछ ही मिनटों में राख में बदल गई। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने रहने, खाने और दैनिक जरूरतों की समस्या खड़ी हो गई।

आपदा की घड़ी में ट्रस्ट ने बढ़ाया मदद का हाथ

जब पीड़ित परिवार इस आपदा के बाद पूरी तरह टूट चुका था और उनके पास न तो रहने की जगह बची थी, न खाने का सामान, तब ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट की टीम ने आगे बढ़कर उनकी सहायता करने का निर्णय लिया।

आपदा की इस घड़ी में ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट के डायरेक्टर सह लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के जिला सचिव डॉक्टर प्रवेज आलम, जूली खातून और प्रिंस कुमार मिठ्ठू ने संयुक्त रूप से अग्नि पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई।

राशन सामग्री और तिरपाल देकर दी राहत

ट्रस्ट की ओर से पीड़ित परिवार को खाने के लिए राशन सामग्री प्रदान की गई। साथ ही रहने के लिए तिरपाल भी दी गई, ताकि परिवार अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर रह सके।

कई बार अग्निकांड में घर जल जाने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या होती है कि वे कहां रहें। इस स्थिति में तिरपाल एक अस्थायी छत का काम करती है, जिससे परिवार को तत्काल राहत मिलती है।

ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट ने यह समझते हुए पीड़ित परिवार को तिरपाल प्रदान की, ताकि वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हों।

नकद राशि देकर आर्थिक सहायता भी की गई प्रदान

राशन और तिरपाल के साथ-साथ ट्रस्ट की ओर से पीड़ित परिवार को नकद राशि देकर आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। आग की घटना के बाद परिवार को कई चीजों की व्यवस्था करनी होती है, जैसे:

  • कपड़े खरीदना
  • बच्चों के लिए जरूरी सामान
  • बर्तन व घरेलू सामग्री
  • दस्तावेजों की व्यवस्था
  • दवा और इलाज
  • घर की मरम्मत या नया निर्माण

ऐसे में नकद राशि मिलना पीड़ित परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत होती है। ट्रस्ट द्वारा दी गई सहायता से परिवार को दोबारा जीवन पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।

ट्रस्ट की मदद बनी बड़ी राहत

अचानक आई इस आपदा के बाद जब पीड़ित परिवार पूरी तरह असहाय हो गया था, तब ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा दी गई यह मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई।

परिवार के सदस्यों ने कहा कि इस मुश्किल समय में ट्रस्ट का सहयोग उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है। सहायता पाकर पीड़ित परिवार ने ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि समय पर मदद न मिलती तो उनके लिए स्थिति और भी कठिन हो जाती।

डॉक्टर प्रवेज आलम का संदेश: पीड़ितों के साथ खड़ा होना ही मानव सेवा

इस मौके पर डॉक्टर प्रवेज आलम ने कहा कि आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है।

उन्होंने कहा:
आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है। ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट आगे भी जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करता रहेगा।”

डॉक्टर प्रवेज आलम ने यह भी कहा कि समाज में जब किसी परिवार पर विपत्ति आती है, तो उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे समय में सहायता देना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि मानवता का धर्म भी है।

सक्षम लोगों से आगे आने की अपील

वहीं जूली खातून और प्रिंस कुमार मिठ्ठू ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर ऐसे पीड़ित परिवारों की सहायता करनी चाहिए, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।

उन्होंने कहा कि:

  • संकट के समय मदद करने से समाज मजबूत बनता है
  • जरूरतमंद को सहयोग देने से मानवता जीवित रहती है
  • हर व्यक्ति को अपने स्तर से मदद करनी चाहिए
  • गरीब परिवारों की सहायता करना पुण्य कार्य है

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट हमेशा जरूरतमंदों के लिए तत्पर रहेगा और ऐसे राहत कार्य भविष्य में भी किए जाते रहेंगे।

स्थानीय लोगों ने की खुले दिल से सराहना

इस मानवीय कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में भी खुशी देखने को मिली। लोगों ने ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट की इस पहल की खुले दिल से सराहना की।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह के राहत कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं। जब लोग देखते हैं कि कोई संस्था पीड़ितों के लिए आगे आकर मदद कर रही है, तो दूसरे लोग भी मदद के लिए प्रेरित होते हैं।

समाज में मानवता का संदेश

इस घटना ने यह भी संदेश दिया कि मानवता आज भी जिंदा है। जब किसी का घर जलकर राख हो जाता है, तो उसके लिए जीवन फिर से शुरू करना बहुत कठिन हो जाता है। लेकिन ऐसे समय में यदि समाज और संस्थाएं सहयोग करें, तो पीड़ित परिवार फिर से खड़ा हो सकता है।

ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट की यह पहल केवल सहायता नहीं थी, बल्कि यह उस परिवार के लिए एक नई उम्मीद और नया विश्वास भी लेकर आई।

राहत कार्यों में ट्रस्ट की भूमिका

ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट पहले भी कई तरह के सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। ट्रस्ट द्वारा:

  • जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण
  • स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन
  • गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग
  • लावारिश शवों का अंतिम संस्कार
  • आपदा पीड़ितों को सहायता

जैसे कई कार्य किए जाते हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि समाज के कमजोर वर्ग को मदद मिले और संकट के समय कोई अकेला न रहे।

पीड़ित परिवार को पुनर्वास की जरूरत

अग्निकांड जैसी घटना के बाद पीड़ित परिवार को केवल तत्काल राहत ही नहीं बल्कि पुनर्वास की भी जरूरत होती है। उन्हें घर बनाने, सामान जुटाने और अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित करने में समय लगता है।

ट्रस्ट और समाज के अन्य सक्षम लोगों के सहयोग से ही यह संभव हो सकता है कि पीड़ित परिवार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

उदाकिशुनगंज क्षेत्र में अग्निकांड से प्रभावित परिवार की सहायता कर ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट ने यह साबित किया कि संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है। राशन, तिरपाल और नकद राशि प्रदान कर ट्रस्ट ने पीड़ित परिवार को बड़ी राहत पहुंचाई।

स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उम्मीद है कि भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्यों से जरूरतमंद लोगों को राहत मिलती रहेगी और समाज में मानवता की भावना और मजबूत होगी।

यदि आप भी किसी आपदा पीड़ित परिवार की मदद करना चाहते हैं या ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट के राहत कार्यों में सहयोग करना चाहते हैं, तो ट्रस्ट से संपर्क करें।

आपकी थोड़ी सी मदद किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी बन सकती है।

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