ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट की बैठक आयोजित
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)।
उदाकिशुनगंज मुख्यालय में रविवार को ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र के आम लोगों को ट्रस्ट से मिलने वाले लाभों की जानकारी देना, संस्था के सामाजिक उद्देश्यों को स्पष्ट करना तथा आगामी योजनाओं पर चर्चा करना था।
इस बैठक में आसपास के कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और उन्होंने संस्था की कार्यप्रणाली, योजनाओं तथा समाज सेवा से जुड़े उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि इस तरह की बैठकों से आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ती है और सामाजिक कार्यों में जन भागीदारी भी मजबूत होती है।
बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण, संस्था के कार्यों में दिखाई रुचि
बैठक के आयोजन की खबर मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। सभा स्थल पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की सहभागिता भी देखने को मिली। लोगों ने संस्था के पदाधिकारियों से सीधे सवाल पूछकर जानकारी ली और ट्रस्ट से जुड़े संभावित लाभों को समझने का प्रयास किया।
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं को लेकर विशेष रुचि दिखाई। कई लोगों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी समस्याएं आम हैं और ऐसे में यदि कोई संस्था इन क्षेत्रों में सहयोग करती है, तो यह एक बहुत बड़ा कदम माना जाएगा।
डॉक्टर पी. आलम ने शुरू की सामाजिक संस्था
मिली जानकारी के अनुसार उदाकिशुनगंज अनुमंडल के चर्चित चिकित्सक डॉक्टर पी. आलम द्वारा ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट के नाम से एक सामाजिक संस्था की शुरुआत की गई है। इस संस्था का मूल उद्देश्य समाज के गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सहायता प्रदान करना है।
बैठक के दौरान बताया गया कि ट्रस्ट केवल स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि शिक्षा, आवास, खाद्यान्न तथा अन्य जरूरी सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के लिए कार्य करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई परिवार हैं जो गरीबी या संसाधनों की कमी के कारण बुनियादी सुविधाएं भी नहीं जुटा पाते। ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे परिवारों तक मदद पहुंचाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, बड़े अस्पतालों से जोड़ने का प्रयास
इस बैठक में संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर पी. आलम ने बताया कि ट्रस्ट के शुरुआती चरण में विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही संस्था की पहली प्राथमिकता है।
डॉक्टर पी. आलम ने कहा कि:
“ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अक्सर इलाज के लिए शहर जाना पड़ता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते। इस समस्या को देखते हुए ट्रस्ट का प्रयास है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं लोगों तक कम खर्च में पहुंचें।”
उन्होंने यह भी बताया कि आम लोगों को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाने के उद्देश्य से आसपास के क्षेत्र के कई बड़े अस्पतालों को ट्रस्ट के माध्यम से जोड़ा गया है। इससे यह फायदा होगा कि जरूरतमंद व्यक्ति ट्रस्ट से जुड़कर कम खर्च में इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।
कम खर्च में बेहतर इलाज की सुविधा
वहीं संस्था के सदस्य प्रिंस कुमार मिट्टू ने जानकारी देते हुए बताया कि आम लोग ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट से जुड़कर बड़े अस्पतालों में कम खर्च में बेहतर इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी।
प्रिंस कुमार मिट्टू ने कहा कि:
“हमारी कोशिश है कि गरीब और जरूरतमंद लोग भी अच्छे अस्पतालों में इलाज करा सकें। कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लोग इलाज टाल देते हैं। ट्रस्ट इस समस्या को कम करने की दिशा में काम कर रहा है।”
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के माध्यम से इलाज की लागत कम करने का प्रयास किया जाएगा ताकि आम जनता पर आर्थिक बोझ कम हो।
स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और आवास पर भी फोकस
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि संस्था केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहेगी। ट्रस्ट का उद्देश्य शिक्षा और आवास के क्षेत्र में भी सहयोग करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई बच्चे आर्थिक समस्याओं के कारण स्कूल छोड़ देते हैं। इसी तरह कुछ परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त आवास नहीं होता। ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा में मदद मिले, बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और आवास जैसी समस्याओं में भी सहायता प्रदान की जाए।
खाद्यान्न सहयोग और सामाजिक मदद की योजना
बैठक में संस्था के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी ट्रस्ट काम करेगा। कई बार गरीब परिवारों को भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई होती है। विशेष रूप से आपदा या बेरोजगारी के समय परिवारों की स्थिति और खराब हो जाती है।
ट्रस्ट का लक्ष्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें आवश्यक खाद्यान्न और सहायता उपलब्ध कराना है। इससे कई परिवारों को राहत मिल सकेगी।
बैठक के दौरान लोगों ने की ट्रस्ट के प्रयास की सराहना
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट के इस प्रयास की खुलकर सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि संस्था सच में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में काम करती है, तो इससे क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कई लोगों ने सामाजिक सेवा के इस अभियान से जुड़ने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट जैसे कार्यों में जनभागीदारी जरूरी है और वे संस्था के साथ आगे चलकर सहयोग करने को तैयार हैं।
समाज सेवा में लोगों की भागीदारी को दिया जाएगा अवसर
बैठक में यह भी बताया गया कि ट्रस्ट की ओर से स्थानीय लोगों को समाज सेवा में भागीदारी का अवसर दिया जाएगा। संस्था का मानना है कि समाज में बदलाव केवल संस्था अकेले नहीं कर सकती, इसके लिए आम जनता का सहयोग जरूरी है।
लोगों को प्रेरित किया गया कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उदाकिशुनगंज में ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह बैठक सामाजिक जागरूकता, जन सहभागिता और सेवा अभियान को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही और उन्हें ट्रस्ट के उद्देश्य, कार्यप्रणाली तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई।
ट्रस्ट का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं से शुरुआत कर शिक्षा, आवास, खाद्यान्न और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में मदद पहुंचाना है। यह पहल विशेष रूप से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी होगी।
यदि आप भी ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट से जुड़कर समाज सेवा में भाग लेना चाहते हैं या स्वास्थ्य शिक्षा और सामाजिक सहयोग के लिए संपर्क करना चाहते हैं, तो ट्रस्ट से संपर्क करें।
आपका सहयोग किसी जरूरतमंद के जीवन में नया उजाला ला सकता है।





